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हिंदी भाषा, साहित्य और संस्कृति का एक गहन स्नातकोत्तर कार्यक्रम — Aggarwal College
एम.ए. हिंदी एक स्नातकोत्तर (Postgraduate) पाठ्यक्रम है। इसकी अवधि 2 वर्ष है, जो 4 सत्रों में विभाजित है।
वर्तमान समय में औसत वार्षिक शुल्क लगभग ₹26,000 प्रति वर्ष है। स्नातक (U.G) में प्राप्त उच्च अंकों के आधार पर अनेक छात्रवृत्तियों का भी प्रावधान है।
किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में स्नातक (U.G) की डिग्री होनी चाहिए। न्यूनतम 45% से 50% अंक आवश्यक हैं।
एम.ए. हिंदी मुख्य रूप से सम्पूर्ण हिंदी साहित्य, भाषा विज्ञान एवं भाषा कौशल पर केंद्रित है। अध्ययन के प्रमुख क्षेत्र निम्नलिखित हैं:
हिंदी साहित्य का इतिहास: प्राचीन (बौद्ध, जैन, रासो साहित्य), मध्यकालीन (भक्ति काल, रीति काल) एवं आधुनिक काल (छायावाद, प्रगतिवाद, प्रयोगवाद एवं समकालीन कविता) का पद्य एवं गद्य विधाओं में अध्ययन।
भाषा विज्ञान (Linguistics): प्राचीन भाषाओं की उत्पत्ति से लेकर हिंदी भाषा के विकास, संरचना, व्याकरण, ध्वनिविज्ञान एवं ध्वनि परिवर्तनों का वैज्ञानिक अध्ययन।
प्रयोजनमूलक / कार्यालयी हिंदी: सरकारी कार्य, मीडिया एवं कॉर्पोरेट संचार में प्रयुक्त पारिभाषिक शब्दावली एवं अनुवाद का अध्ययन।
भाषाई दक्षता एवं अभिव्यक्ति कौशल: श्रवण, वाचन, पठन, लेखन, रोजगार के अवसर, भाषागत अशुद्धियाँ एवं हिंदी भाषा के विविध रूपों का अध्ययन।
एम.ए. हिंदी पाठ्यक्रम हिंदी भाषा, साहित्य और संस्कृति का एक गहन स्नातकोत्तर कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य छात्रों को हिंदी साहित्य के इतिहास, विभिन्न विधाओं एवं भाषा के सैद्धांतिक तथा व्यावहारिक पहलुओं की उन्नत समझ प्रदान करना है।
पाठ्यक्रम में हिंदी साहित्य का इतिहास, प्राचीन एवं मध्यकालीन काव्य, आधुनिक गद्य एवं काव्य, भारतीय एवं पाश्चात्य काव्यशास्त्र, भाषा विज्ञान, भाषाई दक्षता तथा शोध प्रविधि शामिल हैं।
विगत 25 वर्षों से एम.ए. हिंदी कार्यक्रम निरंतर सफलता के साथ संचालित हो रहा है। इस दौरान अनेक विद्यार्थियों ने शिक्षा, प्रशासन, मीडिया, साहित्य, शोध, अनुवाद, पत्रकारिता एवं सिविल सेवाओं में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के बाद हिंदी का महत्व और भी बढ़ गया है। यह कार्यक्रम केवल एक डिग्री नहीं, बल्कि भाषा, संस्कृति, विचार और व्यक्तित्व के विकास का सशक्त माध्यम है।